आदिवासी गायकी (गोंड ) समुदाय
बैठक के मुख्य बिंदु -
- बैठक का उद्धेश्य
- हमारा विजन और मिशन
- समाज की स्थिति और व्यवस्थाएं
- गायकी समाज की दर्शन पर चर्चा ( इतिहास ),रीतिरिवाज, परंपरा और भाषा को जिन्दा रखना क्यों आवश्यक है
- हमारा समुदाय और शिक्षा
- संगठन में कोर कमेटी का गठन
- हक़ अधिकारों की पैरवी ( वकालत ) कैसे हो पाएगा
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समाज में समन्वय स्थापित करना
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शिक्षित समाज बनाने के लिए गुणवत्तापूर्ण वातावरण बनाना
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हक अधिकारों की समझ विकसित करना
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अच्छे मानवीय संबंधो को बढ़ावा देना
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समस्याओं का समाधान के लिए पत्राचार के माध्यम से पैरवी करना
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विकास को बढ़ावा देना
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रचनात्मक विचारधाराओं को प्रोत्साहन करना
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सामाजिक व्यवस्थाओं को संरक्षित करना
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सामूहिक प्रयासों की प्रभावशीलता को मजबूती देना
´ हक़ अधिकारों के लिए डिमांड और सप्लाय के लिए संवैधानिक इकाई से लाइजनिंग करना
गायकी समाज की दर्शन पर चर्चा ( इतिहास ),रीतिरिवाज, परंपरा और भाषा को जिन्दा रखना क्यों आवश्यक है -
सभी उपस्थित बुद्धिजीवी सगाजनों ने चर्चा के दौरान अपने समाज की पहचान , रीतिरिवाज परमपरा,और भाषा को आने वाले पीढ़ी के लिए जिन्दा रखने की बात की है आज हम अपनी परम्परा को छोड़ते चले जा रहे है हमारी पेनकड़ा, गाडवा और पूजा पद्धति भूलते चले जा रहे है हम प्रक्रति पूजक आदिवासी गायकी है इसी से हमारा पहचान है हमारी मुख्य भाषा गोंडी को छोड़ते जा रहे है तो हमारा पहचान कैसे होगा हमारे बच्चे कैसे जान पाएंगे इसलिए भाषा हमारी मुख्य पहचान है इसे सजो कर रखना है |
हमारा समुदाय और शिक्षा - हमारा समाज आज शिक्षा के क्षेत्र में सबसे निचले पायदान पर है कुछ ही परिवार शिक्षित है इसलिए हम सब चाहेंगे की हमारा समाज का हर बेटा, बेटी शिक्षित बने | हम समाज की जिम्मेदारी बनती है की हर उस व्यक्ति को जागरूक करना है जो शिक्षा को अहमियत नहीं देता है हमारी हर वो कोशिश होनी चाहिए की हमारा समाज का हर बेटी, बेटा उच्च शिक्षा पाकर नई उचाई में जा सके और अपने माता-पिता के साथ-साथ गाँव,समाज प्रदेश , देश का नाम रौशन कर देश की विकास में भागीदारी बने | बाबा साहेब का कथन याद है हमें - शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करों | आज के दौर में शिक्षित होना अतिआवश्यक है सब जानते है अधिकतर माता-पिता अपने आज के लिए कल के बच्चों का भविष्य के साथ खिलवाड़ करते है बच्चों को अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए उनकी पढ़ाई रोक कर मजदूरी जैसे कामों के लिए मजबूर कर देते है जिससे उन बच्चों का विकास की गति को विराम लग जाता है | आज आधुनिक दौर में हर तरह के मशीनों का विकास हो गया है काम छीन गया है वे लोग कैसे उनके आने वाली पीढ़ी को माहौल देंगे इसलिए सभी अपने बच्चों को शिक्षित बनाओं और सघर्ष करों सफलता एक दिन जरुर मिलेगा | शिक्षा पाना नौकरी करना ही उद्धेश्य नहीं होना चाहिए शिक्षा व्यक्ति के व्यक्तित्व का विकास करती है एक अच्छा नागरिक होने का आभास दिलाती है जिससे समाज में एक माहौल बनता है जहा समानता,न्याय,बंधुता, अखंडता, स्वत्रंता कायम होती है जिससे हम समाज में सामाजिक,आर्थिक,राजनितिक शैक्षणिक एवं न्यायपूर्ण व समतामूलक समाज का निर्माण कर सकेंगे |
संगठन में कोर कमेटी का गठन , हक़ अधिकारों की पैरवी करना - बैठक के दौरान चर्चा में आया की हम संगठन में लीडरशीप उभारने के लिए और जिम्मेदारी व जवाबदेही के साथ कार्य हो सके जिसके लिए कोर कमेटी का गठन करने की चर्चा हुई | हमारे समाज के किसी भी परिवार के साथ शोषण,अत्याचार जैसी कोई घटना को प्राथमिकता के तौर पर आवाज बुलंद करने और जिम्मेदार कर्मचारी,अधिकारीयों से कम्युनिकेशन करने के लिए कोर कमेटी का मुख्य भूमिका होगी और उसकी पैरवी ( वकालत ) करने की प्रक्रिया की अनुमति कोर कमेठी की संज्ञान से होगी | इस समिति में कौन - कौन होंगे यह अभी स्पष्ट नहीं हुआ है |
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दोस्तों नमस्ते
पोष्ट कैसे लगा कमेंट करके बताएं एवं पोष्ट को शेयर जरुर करें
धन्यवाद
जय सेवा जय जौहार