गायकी समाज बैतूल

आदिवासी गायकी ( गोंड ) समाज मीटिंग बैतूल

 आदिवासी गायकी (गोंड ) समुदाय 


आज दिनांक 14 मई 2023 को आदिवासी गायकी गोंड समुदाय की बैठक जीनियस कोचिंग क्लास , राठी हॉस्पिटल के सामने, लिंक रोड बैतूल में रखा गया | बैठक में मध्यप्रदेश के अलावा महाराष्ट्र के अमरावती जिले के सामाजिक बुद्धिजीवियों का भी समागम हुआ | बैठक सर्व प्रथम पड़ापेन स्वरूप फोटो का रीतिरिवाज परम्परा अनुसार पूजा पाठ किया गया | सभी उपस्थित साथियों का पीले चावल से तिलक लगाकर स्वागत अभिनंदन किया गया | बैठक में बैतूल जिले के शाहपुर, घोड़ाडोंगरी, आमला, भैसदेही,भीमपुर,बैतूल, चिचोली ब्लाक और महाराष्ट्र के अमरावती से समाज के सगाजन उपस्थित रहे | 

बैठक के मुख्य बिंदु - 

  1. बैठक का उद्धेश्य   
  2. हमारा विजन और मिशन 
  3. समाज की स्थिति और व्यवस्थाएं 
  4. गायकी समाज की दर्शन पर चर्चा ( इतिहास ),रीतिरिवाज, परंपरा और भाषा को जिन्दा रखना क्यों आवश्यक है 
  5. हमारा समुदाय और शिक्षा 
  6. संगठन में कोर कमेटी का गठन 
  7. हक़ अधिकारों की पैरवी ( वकालत ) कैसे हो पाएगा 
आज गायकी समाज की सामाजिक ताना बाना को एक धागे में पिरोने के उद्धेश्य से बैठक में समाज की एकता, अखंडता,बंधुता, आर्थिक,सामाजिक,राजनीतिक , शैक्षणिक स्तर में बेहत्तरी लाया जा सके इस उद्धेश्य से एकता की बैठक करनी पढ़ी | बैठक की शुरुआत परिचय करते हुए शुरू हुई | बैठक आदिवासी गोंडी भाषा सिंगर हमारे समाज की पहचान सम्मानीय बहन कुमारी आरती परते की लीडरशीपता से शुरू हुई | बैठक में हमारे समाज की धरोहर शासकीय कर्मचारी, अधिकारी , समाजसेवी , जैसे डॉक्टर, शिक्षक, सैनिक, वकील, समाजसेवी उपस्थिति में समाज की संघर्ष को पहचाना गया | अविनाश लाइब्रेरी के संस्थापक और जीनियस कोचिंग क्लास के शिक्षक समाज के भाई अविनाश धुर्वे ने समाज में कमजोर तपके के व्यक्ति को सहयोग कर सके जिसके लिए ओनसोर्स रेवन्यू जनरेट करने के माध्यम पर जोर दिया गया जो सराहनीय है | समाज की बुद्धिजीवी श्रीमती दुर्गा उइके ( ताई ) ने हर माह मीटिंग कर सामाजिक मुद्दों पर चर्चा करने जैसे मुद्दों पर चर्चा की | भाई अनिल परते ने समाज की परंपरा पेनकड़ा , गाडवा पूजा पद्धति जैसे मुददों पर जोर दिया गया |   
चर्चा के दौरान आया की हमारे समाज को अन्य समाज की तुलना में अलग नजरिये से देखते है हमारे समाज के अधिकतर परिवार गाय चरा कर अपनी गुँजर-बसर करते है | आजादी के अमर्तकाल में भी हमारा समाज ज्यों का त्यों स्थिति में है इसलिए समाज को संगठनातम्क रूप से सभी को एक मंच पर लाने के लिए यह बैठक विशेष रहा |
हमारा उद्धेश्य - 
हम गायकी फेडरेशन एक सम्पूर्ण,प्रभुत्व- संपन्न, गायकी समाज बनाने के लिए तथा उसके समस्त नागरिकों को सामाजिक,आर्थिक और राजनैतिक न्याय,विचार,अभिव्यक्ति,विश्वास और स्वतंत्रता,प्रतिष्ठा एवं अवसर की समताप्राप्त करने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और समाज की एकता अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए द्रढ़संकल्प होकर समाज के किए कार्य करेंगे

हमारा विजन - सामाजिक,आर्थिक,राजनीतिक,शैक्षणिक एवं न्यायपूर्ण समतामूलक समाज का निर्माण करना

   हमारा मिशन - 

´  समाज में समन्वय स्थापित करना

´  शिक्षित समाज बनाने के लिए गुणवत्तापूर्ण वातावरण बनाना 

´  हक अधिकारों की समझ विकसित करना

´  अच्छे मानवीय संबंधो को बढ़ावा देना

´  समस्याओं का समाधान के लिए पत्राचार के माध्यम से पैरवी करना

´  विकास को बढ़ावा देना

´  रचनात्मक विचारधाराओं को प्रोत्साहन करना

´  सामाजिक व्यवस्थाओं को संरक्षित करना

´  सामूहिक प्रयासों की प्रभावशीलता को मजबूती देना

´  हक़ अधिकारों के लिए डिमांड और सप्लाय के लिए संवैधानिक इकाई से लाइजनिंग करना   

गायकी समाज की दर्शन पर चर्चा ( इतिहास ),रीतिरिवाज, परंपरा और भाषा को जिन्दा रखना क्यों आवश्यक है - 

      सभी उपस्थित बुद्धिजीवी सगाजनों ने चर्चा के दौरान अपने समाज की पहचान , रीतिरिवाज परमपरा,और भाषा को आने वाले पीढ़ी के लिए जिन्दा रखने की बात की है आज हम अपनी परम्परा को छोड़ते चले जा रहे है हमारी पेनकड़ा, गाडवा और पूजा पद्धति भूलते चले जा रहे है हम प्रक्रति पूजक आदिवासी गायकी है इसी से हमारा पहचान है हमारी मुख्य भाषा गोंडी को छोड़ते जा रहे है तो हमारा पहचान कैसे होगा हमारे बच्चे कैसे जान पाएंगे इसलिए भाषा हमारी मुख्य पहचान है इसे सजो कर रखना है | 

हमारा समुदाय और शिक्षा - हमारा समाज आज शिक्षा के क्षेत्र में सबसे निचले पायदान पर है कुछ ही परिवार शिक्षित है इसलिए हम सब चाहेंगे की हमारा समाज का हर बेटा, बेटी शिक्षित बने | हम समाज की जिम्मेदारी बनती है की हर उस व्यक्ति को जागरूक करना है जो शिक्षा को अहमियत नहीं देता है हमारी हर वो कोशिश होनी चाहिए की हमारा समाज का हर बेटी, बेटा उच्च शिक्षा पाकर नई उचाई में जा सके और अपने माता-पिता के साथ-साथ गाँव,समाज प्रदेश , देश का नाम रौशन कर देश की विकास में भागीदारी बने | बाबा साहेब का कथन याद है हमें - शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करों | आज के दौर में शिक्षित होना अतिआवश्यक है सब जानते है अधिकतर माता-पिता अपने आज के लिए कल के बच्चों का भविष्य के साथ खिलवाड़ करते है बच्चों को अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए उनकी पढ़ाई रोक कर मजदूरी जैसे कामों के लिए मजबूर कर देते है जिससे उन बच्चों का विकास की गति को विराम लग जाता है | आज आधुनिक दौर में हर तरह के मशीनों का विकास हो गया है काम छीन गया है वे लोग कैसे उनके आने वाली पीढ़ी को माहौल देंगे इसलिए सभी अपने बच्चों को शिक्षित बनाओं और सघर्ष करों सफलता एक दिन जरुर मिलेगा | शिक्षा पाना नौकरी करना ही उद्धेश्य नहीं होना चाहिए शिक्षा व्यक्ति के व्यक्तित्व का विकास करती है एक अच्छा नागरिक होने का आभास दिलाती है जिससे समाज में एक माहौल बनता है जहा समानता,न्याय,बंधुता, अखंडता, स्वत्रंता कायम होती है जिससे हम समाज में सामाजिक,आर्थिक,राजनितिक शैक्षणिक एवं न्यायपूर्ण व समतामूलक समाज का निर्माण कर सकेंगे | 

संगठन में कोर कमेटी का गठन , हक़ अधिकारों की पैरवी करना - बैठक के दौरान चर्चा में आया की हम संगठन में लीडरशीप उभारने के लिए और जिम्मेदारी व जवाबदेही के साथ कार्य हो सके जिसके लिए कोर कमेटी का गठन करने की चर्चा हुई | हमारे समाज के किसी भी परिवार के साथ शोषण,अत्याचार जैसी कोई घटना को प्राथमिकता के तौर पर आवाज बुलंद करने और जिम्मेदार कर्मचारी,अधिकारीयों से कम्युनिकेशन करने के लिए कोर कमेटी का मुख्य भूमिका होगी और उसकी पैरवी ( वकालत ) करने की प्रक्रिया की अनुमति कोर कमेठी की संज्ञान से होगी | इस समिति में कौन - कौन होंगे यह अभी स्पष्ट नहीं हुआ है |   




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