गायकी समाज बैतूल

आदिवासी गायकी समाज मीटिंग

आदिवासी गायकी समाज की पहली मीटिंग ऑनलाइन दिनांक 23 अप्रैल 2023 को संपन्न हुआ | बैठक में समाज के बुद्धिजीवी प्रगतिशील विचार धारा के गणमान्य उपस्थित रहे व समाज के बेहत्तर विकास के सन्दर्भ में विस्तार से चर्चा किया | मीटिंग का मुख्य अजेंडा स्वागत परिचय अपने बारे में यूथ फेडरेशन बनाने का उद्धेश्य,विजन और मिशन फेडरेशन टास्कफोर्स सदस्यों का चयन गायकी समाज की दर्शन पर चर्चा (इतिहास) रीतिरिवाज परंपरा और भाषा को जिन्दा रखना क्यों आवाश्यक है समुदाय और शिक्षा आपदा में यूनिटी क्या कर सकता है CNA (कम्युनिटी नीड असिसमेंट ) गूगल फ़ार्म के माध्यम से ऑनलाइन हक़ अधिकारों की पैरवी ( वकालत ) करना यूथ फेडरेशन बनाने का उद्धेश्य हम गायकी फेडरेशन एक सम्पूर्ण,प्रभुत्व- संपन्न, गायकी समाज बनाने के लिए तथा उसके समस्त नागरिकों को सामाजिक,आर्थिक और राजनैतिक न्याय,विचार,अभिव्यक्ति,विश्वास और स्वतंत्रता,प्रतिष्ठा एवं अवसर की समता प्राप्त करने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और समाज की एकता व अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए द्रढ़संकल्प होकर समाज के किए कार्य करेंगे हमारा विजन सामाजिक,आर्थिक,राजनीतिक,शैक्षणिक एवं न्यायपूर्ण व समतामूलक समाज का निर्माण करना हमारा मिशन समाज में समन्वय स्थापित करना शिक्षित समाज बनाने के लिए गुणवत्तापूर्ण वातावरण बनाना हक अधिकारों की समझ विकसित करना अच्छे मानवीय संबंधो को बढ़ावा देना समस्याओं का समाधान के लिए पत्राचार के माध्यम से पैरवी करना विकास को बढ़ावा देना रचनात्मक विचारधाराओं को प्रोत्साहन करना सामाजिक व्यवस्थाओं को संरक्षित करना सामूहिक प्रयासों की प्रभावशीलता को मजबूती देना हक़ अधिकारों के लिए डिमांड और सप्लाय के लिए संवैधानिक इकाई से लाइजनिंग करना यूथ फेडरेशन का टास्कफोर्स गठन इस समिति को सशक्त बनाने के लिए व जिम्मेदारी और जवाबदेही एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, संरक्षक, सचिव इत्यादि पोस्ट बनाकर व्यवस्थित समिति बना सकते है | उसके बाद जिला,ब्लाक का भी सोच सकते है यह समिति समाज के लिए अहम् भूमिका निभाएगा इस कोर कमेटी में कम से ज्यादा से ज्यादा 15 लोग होनी चाहिए यह समिति नियमित मीटिंगे आयोजित करेगी समाज से इकट्टे हुए मुद्दों पर समीक्षा कर जरुरी कदम तय करना सम्बंधित सिस्टम से पैरवी सुनिश्चित करेगा गायकी समाज की दर्शन पर चर्चा (इतिहास) गायकी होने का आइडेंटिटी क्या है? हम गोंड जाति से भिन्न कैसे? गायकी समाज पर किस तरह का खतरा मंडरा रहा है रीतिरिवाज परंपरा और भाषा को जिन्दा रखना क्यों आवश्यक है भाषा से हमारी मुख्य पहचान है रीतिरिवाजों से ही हम आदिवासी कहलाते है (इसी से डेमोक्रसी-लोकतंत्र की परिकल्पना हुई हमारी आने वाली पीढ़ी जान सके | वास्तव में वे ज़िंदा है ये महसूस उन्हें यही से मिलेगी सरकार अपने रिकार्ड में हमारी भाषा संस्कृति को रिकार्ड कर रख सके जिससे 200 साल बाद भी हमारी पीढ़ी को अपनी पहचान बताने में दिक्कत न हो सके सरकार की योजनाओं के लिए हम और हमारी आने वाली पीढ़ी पात्रता के दायरे में रह सके हक़ अधिकारों की पैरवी ( वकालत ) करना संयुक्त राष्ट्र संघ ( UN ) 193 देशों का एक संगठन है | UN ने सभी देशों को अपने नागरिकों के विकास के लिए योजना बनाने को कहा जिसे सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल (SDG) कहते है भारत ने 2015 से 2030 तक देश को विकसित और सशक्त बनाने के लिए 17 लक्ष्य निर्धारित किया | उसके बाद 402 योजनाएं माँ के गर्भ में पलता बच्चे से लेकर समशान घाट में अंतिम संसकार तक योजाएं बनाए ( योजनाएं जमीनी स्तर पर कितना इम्प्लीमेंट होते है ये अलग बात है ) आपको पता होगा सत्ता का विकेन्द्रीकरण संविधान के 73वां संविधान संशोधन अधिनियम 1992 में पंचायती राज व्यवस्था लागू हुआ जिसे त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था कहते है | संविधान में 11वीं अनुसूची जोड़कर 29 विषय पर काम करने और योजना बनाने की जिम्मेदारी पंचायतों को दी गई |

1 Comments:

दोस्तों नमस्ते
पोष्ट कैसे लगा कमेंट करके बताएं एवं पोष्ट को शेयर जरुर करें
धन्यवाद
जय सेवा जय जौहार

आदिवासी गोंड गायकी मीटिंग भीमपुर ब्लॉक जिला बैतूल

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